Monday, May 16, 2016

तुम नेता बन जाओ !

बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !
खूब मिलेगा नाम के तुम नेता बन जाओ !

शहर में पूरा रौब तुम्हारा छा जाएगा, 
हर अफसर चपरासी तुमसे घबराएगा ।
पाँचो ऊँगली घी में होंगी, सिर कढ़ाही में, 
जीत तुम्हारी ही होगी हर इक लड़ाई में ।
उतने ही मशहूर बनोगे, धाक जमेगी, 
जितने हो बदनाम कि तुम नेता बन जाओ !
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !

अपनी एक छोटी सी सेना जल्द बनाओ, 
औरों को भी रोज़गार उसमे दिलवाओ ।
कुछ बकैत लड़के, कुछ पहलवान जैसे हों, 
इनको दारू मुर्गा तुम हर रोज़ खिलाओ,
किसी बड़े नेता से मिलकर सेटिंग कर लो, 
आओ उनके काम के तुम नेता बन जाओ !
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !

चंदे का व्यापार, जुआँ सट्टा चलवाओ, 
बिना बात के रोज़ कहीं कट्टा चलवाओ,
लोकल थाना पुलिस प्रशासन से मिलजुल कर, 
दो नंबर का दारू का अड्डा चलवाओ !
जो कोई भी आये रास्ते में तुम उसका, 
कर दो काम तमाम कि तुम नेता बन जाओ !
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !

हर ऊँगली में रहे अंगूठी, कमर में पिस्टल, 
गाड़ी में रखी हों दो व्हिस्की की बोटल,
चेले हों दो चार तुम्हारे दायें बाएं ! 
बियर बार में जाकर खूब मचाओ हलचल,
सुरा-सुन्दरी पर जमकर रुपया बरसाओ, 
अय्याशी हर शाम कि तुम नेता बन जाओ ।
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !

रुपया लेने में तुम मोल भाव न करना, 
हिन्दू मुस्लिम में भी भेदभाव न करना,
चाहे कोई हो गरीब, निर्धन, असहाय, 
कोई तुम्हारी गिद्ध दृष्टि से बच न पाये ।
धंधे में तुम कभी न करना कोई मुरव्वत, 
लेना सबसे दाम के तुम नेता बन जाओ |
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !

जब चुनाव हो शहर में तुम दंगा करवाओ, 
लोकतंत्र को सरेआम नंगा करवाओ,
विरोधियों की हत्या होती है होने दो, 
अपना सारा खेल भला चंगा करवाओ ।
टिकट मिले बन जाओ विधायक किसी तरह से, 
तब करना आराम के तुम नेता बन जाओ !
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !
खूब मिलेगा नाम के तुम नेता बन जाओ !


::::::अम्बेश तिवारी 
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