खूब मिलेगा नाम के तुम नेता बन जाओ !
पाँचो ऊँगली घी में होंगी, सिर कढ़ाही में,
उतने ही मशहूर बनोगे, धाक जमेगी,
अपनी एक छोटी सी सेना जल्द बनाओ,
कुछ बकैत लड़के, कुछ पहलवान जैसे हों,
किसी बड़े नेता से मिलकर सेटिंग कर लो,
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !
लोकल थाना पुलिस प्रशासन से मिलजुल कर,
हर ऊँगली में रहे अंगूठी, कमर में पिस्टल,
चेले हों दो चार तुम्हारे दायें बाएं !
सुरा-सुन्दरी पर जमकर रुपया बरसाओ,
बड़ा सरल यह काम के तुम नेता बन जाओ !
चाहे कोई हो गरीब, निर्धन, असहाय,
धंधे में तुम कभी न करना कोई मुरव्वत,
विरोधियों की हत्या होती है होने दो,
खूब मिलेगा नाम के तुम नेता बन जाओ !